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व्यापार क्षेत्र में गेहूं के सरकारी उत्पादन अनुमान, गेहूं कि सप्ताहिक रिपोर्ट 8 जून,

नमस्कार दोस्तों 8 जून को गेहूं की सप्ताहिक रिपोर्ट जाने लेकर हाज़िर हुए हैं,बाजारों पर विभाग ने खरीफ फसलों की घोषणा की देखे आज की खरीफ फसल की तेजी मंदी रिपोर्ट https://haryanamandibhav.com

उद्योग-व्यापार क्षेत्र को गेहूं के सरकारी उत्पादन अनुमान पर संदेह केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने फरवरी 2023 में व्यक्त अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में चालू वर्ष के दौरान 1121.80 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन की संभविना व्यक्त की थी। इसके बाद फरवरी में तापमान ऊंचा रहने एवं मार्च-अप्रैल में बेमौसमी वर्षा, आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि का भयंकर प्रकोप होने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा और खासकर दाने की क्वालिटी बहुत खराब हो गई। इसे देखते हुए उद्योग-व्यापार क्षेत्र को उम्मीद थी कि जब कृषि मंत्रालय का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी होगा तब गेहं उत्पादन के आंकड़े में कटौती की जाएगी।

लेकिन इसके विपरीत मंत्रालय ने मई 2023 में जारी अपने तीसरे अग्रिम अनुमान में गेहूं का उत्पादन और भी बढ़कर 1127.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त कर दी जिससे उद्योग-व्यापार क्षेत्र को अत्यन्त हैरानी हुई। रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने एक प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से जो सर्वे करवाया, उसने गेहूं का घरेलू उत्पादन 1043 लाख टर्न होने का अनुमान लगाया। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्यों में चालू खरीफ सीजन के दौरान मंडियों में गेहं की आवक कम हो रही है। और कीमत बढ़ती जा रही है।

जबकि वहां आमतौर पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचना पड़ता था। इससे व्यापारियों एवं मिलर्स को गेहूं के सरकारी उत्पादन अनुमान पर संदेह होना स्वाभाविक ही है। बेशक, पंजाब, मध्य प्रदेश तथा हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले इस बार केन्द्रीय पूल के लिए गेहं की अधिक खरीद हुई है। मगर यहे नियत लक्ष्य से कॉफी पीछे रह गई। समीक्षकों के अनुसार सरकार ने उत्पादन अनुमान के आधार पर विभिन्न राज्यों में गेहूं की खरीद का लक्ष्य नियत किया था मगर केन्द्रीय पूल में सर्वाधिक योगदान देने वाले इन तीन राज्यों में वास्तविक खरीद नियत लक्ष्य से काफी पीछे रह गई।

इसी तरह उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार में गेहूं की खरीद निर्धारित लक्ष्य की तुलना में नगण्य हुई है। उधर सरकारी सूत्रों का कहना है। कि कुछ लोग गेहूं के संभावित अभाव के बारे में अफवाह फैला सकते हैं। और विदेशों से इसके आयात की जरूरत भी बता सकते हैं क्योंकि वे चाहते हैं। कि गेहूं का बाजार भाव उछले और उन्हें मोटी कमाई करने का अवसर मिल जाए 10 ऐसे लोगों ने गेहूं का भारी-भरकम स्टॉक पकड़ रखा है। व्यापारियों एवं मिलर्स को इससे सावधान रहना चाहिए।

नोट – व्यापार अपने विवेक से करे हम किसी भी प्रकार की लाभ हानि कि जिमेदारी नहीं लेते हैं, यह मंडी भाव विभिन्न स्रोतों से एकत्रित करके इस पोस्ट के माध्यम से आप तक ताजा भाव लेकर हाजिर हुए हैं, अधिक जानकारी के लिए अपनी नजदीकी मंडी में मंडी भाव कॉन्फ्रम कर ले या पता कर लें। आशा करते हैं यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगी

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