March 2, 2024
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देर से ही सही, लेकिन मानसून ने रफ्तार पकड़ी 1 जुलाई तक समूचे देश में पहुंचने की उम्मीद वर्ष 1961 या 62 साल के बाद पहली बार दक्षिण-पश्चिम मानसून एक ही दिन दिल्ली और मुम्बई में पहुंच गया।मौसम विभाग पूर्वानुमान रिपोर्ट

मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट – हैलो किसान भाइयों सब को सुबह कि राम राम आज हम 26 जून को एक बार फिर नई जानकारी लेकर हाजिर हुए हैं, आशा करते हैं कि जानकारी आपके लिए यूजफुल होगी, इस पोस्ट के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट के माध्यम से मानसूनी बारिश के बारे में जानकारी प्राप्त करेगे , कहा कहा कब मानसून पहुंच सकती है,हर रोज ताजा मंडी भाव व अन्य जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें, धन्यवाद आपका दिन शुभ हो
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26 जून 2023कि मौसम विभाग पूर्वानुमान रिपोर्ट

देर से ही सही, लेकिन मानसून ने रफ्तार पकड़ी 1 जुलाई तक समूचे देश में पहुंचने की उम्मीद वर्ष 1961 या 62 साल के बाद पहली बार दक्षिण-पश्चिम मानसून एक ही दिन दिल्ली और मुम्बई में पहुंच गया। इसके साथ-साथ देश के अनेक राज्यों तक इसकी पहुंच हो गई है। जबकि अगले पांच छह दिनों में यह समूचे भारत को कवर कर लेगा मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है। और मौसम विभाग ने चालू माह के अंत तक के लिए कई राज्यों में वर्षा का ऑरेंज या यैलो अलर्ट जारी किया है जिसका मतलब यह है कि वहां भारी से लेकर अत्यन्त भारी बारिश हो सकती है। पिछले दो-तीन दिनों से देश के विभिन्न भागों में अच्छी वर्षा हो रही है और मौसम विभाग ने चालू सप्ताह के दौरान इसका सिलसिला जारी रहने की उम्मीद जताई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक विशेषज्ञ के अनुसार चूंकि मानसून अब सक्रिय हो गया है इसलिए जुलाई के प्रथम सप्ताह तक इसके सम्पूर्ण देश में पहुंच जाने की संभावना बढ़ गई हैं। यह सामान्य समय है और इस तरह मानसून के केरल में एक सप्ताह देर से आने का जो प्रतिकूल प्रभाव हो सकता था वह धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा। आगे यदि मानसून सामान्य चाल से आगे बढ़ता है तो वर्षा का संकट काफी हद तक खत्म हो सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही खरीफ फसलों की बिजाई भी जोर पकड़ने की संभावना है। यह वर्षा खासकर धान की रोपाई के लिए काफी मददगार है। 26 जून को मानसून एक साथ ही दिल्ली और मुम्बई दोनों जगह पहुंच गया। मुम्बई पहुंचने का इसका सामान्य समय 11 जून तथा दिल्ली पहुंचने का सामान्य समय 27 जून माना जाता है। इससे पूर्व वर्ष 1961 में मानसून इन दोनों स्थानों पर एक समय पहुंचा था । परतु उस साल अल नीनो का कोई प्रभाव नहीं था।

25 जून को मुम्बई में 18 से०मी० तथा दिल्ली में 5 से०मी० बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के महानिदेशक का कहना है। कि दक्षिण-पश्चिम मानसून का उत्तरी सिरा सम्पूर्ण देश में पहुंचने से कुछ ही छोटा है। वर्षा पर आश्रति देश के पश्चिमी, मध्यवर्ती एवं दक्षिणी राज्यों के कुछ भागों में मानसून की बढ़ती सक्रियता से धान, तिलहन और दलहन फसलों की बिजाई की बुआई मे तेजी आने की उम्मीद है। जिसका क्षेत्रफल भी अब तक गत साल से पीछे चल रहा था । बिहार, झारखंड, बंगाल ,उड़ीसा,एवं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की बरसात हो रही है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब जैसे प्रांतों में भी भारी बरसात की चेतावनी दी गई है।

नोट – व्यापार अपने विवेक से करे हम किसी भी प्रकार की लाभ हानि कि जिमेदारी नहीं लेते हैं, यह मंडी भाव विभिन्न स्रोतों से एकत्रित करके इस पोस्ट के माध्यम से आप तक ताजा भाव लेकर हाजिर हुए हैं, अधिक जानकारी के लिए अपनी नजदीकी मंडी में मंडी भाव कॉन्फ्रम कर ले या पता कर लें। आशा करते हैं यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगी

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