गेहूं- मंडियों में भाव महंगे हुए,बाजरा- कुछ दिन नरम रहेगा,मक्की – केवल स्टॉकिस्टों की मांग, देखे तेजी मंदी रिपोर्ट

गेहूं रिपोर्ट – हैलो किसान भाइयों सब को सुबह कि राम राम आज हम 17जून को सुबह एक बार फिर नई जानकारी लेकर हाजिर हुए हैं, आशा करते हैं कि जानकारी आपके लिए यूजफुल होगी, इस पोस्ट के माध्यम से गेहूं कि तेजी मंदी के बारे में जानकारी प्राप्त करेगे , साथ ही बाजरा व मक्का के बारे मे भी जानेंगे,हर रोज ताजा मंडी भाव व अन्य जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें, धन्यवाद आपका दिन शुभ हो
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गेहूं- मंडियों में भाव महंगे हुए

गत सरकार द्वारा गेहूं पर स्टाक सीमा लगा दिए जाने से बाजार गिरकर दिल्ली में 2360/2365 रुपए प्रति क्विंटल रह गया था, लेकिन उत्पादक मंडियों से पड़ते नहीं लगने से फिर बाजार बढ़कर 2400/2410 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। वास्तविकता यह है कि मध्यप्रदेश में 2150 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं बनते ही स्टाकिस्ट लिवाल आ गए, जिसके चलते वहां 2200/2210 रुपए मुलताई लाइन में भाव बोलने लगे। यूपी में गेहूं की आपूर्ति इस बार अनुकूल नहीं है, बिहार में भी वहां की खपत से अधिक माल की उपलब्धि नहीं है। उधर दक्षिण भारत की मिलों में शॉर्टेज बनने से लगातार एमपी से रैक लोड हो रहे हैं। पड़ोसी देशों में भी गेहूं के ऊंचे भाव हो गए हैं, जिससे सीमावर्ती मंडियों से माल जाने की चर्चा आ रही है। यही कारण है कि दिल्ली में मंदै के बाद फिर बाजार यहां पर है तथा माल की उपलब्धि में कमी को देखकर बाजार अभी थोड़ा और तेज लग रहा है।

मक्की – केवल स्टॉकिस्टों की मांग

बिहार में मक्की का उत्पादन बंपर होने के बावजूद नीचे वाले भाव में मांग सुधरने से 20/30 रुपए प्रति क्विंटल की मजबूती आ गई है। स्टॉकिस्टों की आपूर्ति अभी पूरी नहीं हुई है। अत: अभी भी मंदे भाव देखकर खरीद कर रहे हैं। इधर यूपी के कन्नौज, फर्रुखाबाद, एटा, मैनपुरी, इटावा लाइन में भूट्टों वाली गर्मी की नई मक्की भी आ गई है, पंजाब के होशियारपुर लाइन में भी मक्की तैयार खड़ी है, इन सब के बावजूद भी मक्की के भाव और नहीं घटेंगे।

बाजरा- कुछ दिन नरम रहेगा

यद्यपि बाजरे की कोई फसल आने वाली नहीं है, लेकिन मक्की के भाव काफी नीचे होने से बाजरे की मांग चौतरफा घटकर जीरो रह गई है। यही कारण है कि स्टाक नहीं होने के बावजूद भी बाजार सुस्त चल रहे हैं। मौली बरवाला पहुंच में बाजरे के भाव 2000 से घटकर 1980 रुपए प्रति क्विंटल रह गए हैं तथा अभी निकट में तेजी की कोई गुंजाइश नहीं है। अतः अभी बाजार यहां सुस्त ही रहने वाले हैं। बाजरे की फसल में अभी लंबा समय बाकी है, इसलिए घबराकर माल काटने की आवश्यकता नहीं है।

नोट – व्यापार अपने विवेक से करे हम किसी भी प्रकार की लाभ हानि कि जिमेदारी नहीं लेते हैं, यह मंडी भाव विभिन्न स्रोतों से एकत्रित करके इस पोस्ट के माध्यम से आप तक ताजा भाव लेकर हाजिर हुए हैं, अधिक जानकारी के लिए अपनी नजदीकी मंडी में मंडी भाव कॉन्फ्रम कर ले या पता कर लें। आशा करते हैं यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगी

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